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लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी लिरिक्स | Lab Pe Aati Hai Dua Lyrics in Hindi, Urdu, English & Meaning (Audio MP3)

By Mariya Ansari •

लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी (Lab Pe Aati Hai Dua Banke Tamanna Meri) उर्दू अदब के महान दार्शनिक और शायर अल्लामा मुहम्मद इक़बाल (Allama Muhammad Iqbal) की लिखी हुई एक ऐतिहासिक और अमर नज़्म है। मूल रूप से यह नज़्म उनके प्रसिद्ध काव्य संग्रह ‘बाँग-ए-दरा’ (Bang-e-Dra – 1924) में ‘बच्चे की दुआ’ (Bachche Ki Dua) के शीर्षक से शामिल की गई थी। आज यह दुआ भारतीय उपमहाद्वीप के हज़ारों स्कूलों में सुबह की प्रार्थना (Morning Assembly Prayer) के तौर पर गाई जाती है। इंटरनेट पर लाखों लोग lab pe aati hai dua banke tamanna meri lyrics in hindi, urdu, english और इसका आध्यात्मिक मतलब खोजते हैं। इस संपूर्ण गाइड में आपको इस प्रार्थना के पूरे लिरिक्स हिंदी, उर्दू और अंग्रेज़ी में, शब्द-दर-शब्द तशरीह (Meaning), मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी का अंदाज़, और सुनने व डाउनलोड करने के लिए ओरिजिनल MP3 ऑडियो दिया गया है।

लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी (Original Audio MP3)

अल्लामा इक़बाल की इस पाकीज़ा नज़्म की सुरीली और रूहानी आवाज़ में रिकॉर्डिंग यहाँ ऑनलाइन सुनें या अपने मोबाइल में डाउनलोड करें:

विवरण (Detail) तथ्य व जानकारी
नज़्म का मूल शीर्षक बच्चे की दुआ (Bachche Ki Dua)
रचनाकार (शायर) अल्लामा मुहम्मद इक़बाल (शायर-ए-मशरिक़)
काव्य संग्रह बाँग-ए-दरा (Bang-e-Dra – पहली बार 1924 में प्रकाशित)
रचना वर्ष 1902 ईस्वी
काव्य विधा नज़्म / मुनाजात / सार्वभौमिक प्रार्थना
केंद्रीय संदेश परोपकार, विद्या (इल्म) से प्रेम, देशभक्ति, ग़रीबों की सेवा और बुराई से बचाव

1. लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी लिरिक्स इन हिंदी (Full Hindi Lyrics)

नीचे अल्लामा इक़बाल की मशहूर नज़्म ‘बच्चे की दुआ’ के सभी 7 अश्आर (Couplets) साफ़ और स्पष्ट हिंदी देवनागरी लिपि में दिए गए हैं:

लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी
ज़िंदगी शमा की सूरत हो ख़ुदाया मेरी!

दूर दुनिया का मेरे दम से अंधेरा हो जाए
हर जगह मेरे चमकने से उजाला हो जाए!

हो मिरे दम से यूँ ही मेरे वतन की ज़ीनत
जिस तरह फूल से होती है चमन की ज़ीनत!

ज़िंदगी हो मिरी परवाने की सूरत या रब
इल्म की शमा से हो मुझ को मोहब्बत या रब!

हो मिरा काम ग़रीबों की हिमायत करना
दर्द-मंदों से ज़ईफ़ों से मोहब्बत करना!

मेरे अल्लाह! बुराई से बचाना मुझ को
नेक जो राह हो उस रह पे चलाना मुझ को!

2. Lab Pe Aati Hai Dua Lyrics in Urdu (اردو بول – بچے کی دعا)

अल्लामा इक़बाल ने यह नज़्म मूल रूप से उर्दू भाषा में तहरीर फ़रमाई थी। उर्दू पाठकों और छात्रों के लिए इसके वास्तविक नस्तलीक़ बोल यहाँ पेश हैं:

لب پہ آتی ہے دعا بن کے تمنا میری
زندگی شمع کی صورت ہو خدایا میری!

دور دنیا کا مرے دم سے اندھیرا ہو جائے
ہر جگہ میرے چمکنے سے اجالا ہو جائے!

ہو مرے دم سے یونہی میرے وطن کی زینت
جس طرح پھول سے ہوتی ہے چمن کی زینت!

زندگی ہو مری پروانے کی صورت یا رب
علم کی شمع سے ہو مجھ کو محبت یا رب!

ہو مرا کام غریبوں کی حمایت کرنا
دردمندوں سے ضعیفوں سے محبت کرنا!

میرے اللہ! برائی سے بچانا مجھ کو
نیک جو راہ ہو اس رہ پہ چلانا مجھ کو!

3. Lab Pe Aati Hai Dua Lyrics in English & Meaning (Transliteration & Translation)

अंग्रेज़ी माध्यम के विद्यार्थियों और अंतरराष्ट्रीय पाठकों के लिए रोमन अंग्रेज़ी (Roman Urdu) उच्चारण तथा उसका प्रामाणिक अंग्रेज़ी अनुवाद नीचे प्रस्तुत है:

Lab pe aati hai dua banke tamanna meri,
Zindagi shama ki soorat ho khudaya meri!

English Meaning: My longing comes to my lips as supplication: O God! May my life be like that of a candle (spreading light and dispelling darkness).

Door duniya ka mere dam se andhera ho jaye,
Har jagah mere chamakne se ujala ho jaye!

English Meaning: May the world’s darkness disappear through my presence, and may illumination spread everywhere as I shine with knowledge and goodness.

Ho mere dam se yoonhi mere watan ki zeenat,
Jis tarah phool se hoti hai chaman ki zeenat!

English Meaning: May my homeland gain beauty through my deeds, just as a blossom adorns and beautifies the entire garden!

Zindagi ho meri parwane ki soorat ya rab,
Ilm ki shama se ho mujhko mohabbat ya rab!

English Meaning: May my life be devoted like a moth, O Lord! And may I possess deep, passionate love for the candle of knowledge and wisdom!

Ho mera kaam gareebon ki himayat karna,
Dard-mandon se za’eefon se mohabbat karna!

English Meaning: May my noble mission be to support and defend the poor, and to shower love and compassion upon the afflicted and the elderly!

Mere Allah! Burai se bachana mujhko,
Nek jo raah ho us rah pe chalana mujhko!

English Meaning: O my Allah! Protect me from all evil, and guide me always onto the path that is righteous and truthful!

4. शेर-दर-शेर तशरीह व शब्दार्थ (Detailed Meaning & Explanation)

‘बच्चे की दुआ’ मात्र एक साधारण कविता नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की उच्च दार्शनिक और नैतिक आचार संहिता है। आइए इसके प्रत्येक शेर के गहरे भाव को समझें:

शेर 1: लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी…

शब्दार्थ: लब = होंठ, तमन्ना = हार्दिक इच्छा या अभिलाषा, शमा = मोमबत्ती/चिराग़, सूरत = रूप या स्वरूप।
तशरीह: बच्चा अपने सृष्टिकर्ता से प्रार्थना करता है कि मेरे दिल की सबसे बड़ी आरज़ू मेरी ज़ुबान पर दुआ बनकर आ रही है। ऐ मेरे रब! मेरी ज़िंदगी एक मोमबत्ती जैसी बना दे। मोमबत्ती का गुण यह होता है कि वह स्वयं जलती और पिघलती है, लेकिन संसार को प्रकाश देती है। यह पंक्ति हमें आत्म-बलिदान और परोपकार का सबसे बड़ा पाठ पढ़ाती है।

शेर 2: दूर दुनिया का मेरे दम से अंधेरा हो जाए…

शब्दार्थ: दम से = अस्तित्व से/प्रयास से, अंधेरा = अज्ञानता, नफ़रत और बुराई।
तशरीह: यहाँ अंधेरे से तात्पर्य समाज में फैली अशिक्षा, कुरीतियाँ, ईर्ष्या और अज्ञानता है। प्रार्थना करने वाला यह संकल्प व्यक्त करता है कि मैं अपने सदकर्मों, ज्ञान और सच्चाई से दुनिया के इस अंधकार को मिटा दूँ और जहाँ भी रहूँ ज्ञान का उजाला फैलाऊँ।

शेर 3: हो मिरे दम से यूँ ही मेरे वतन की ज़ीनत…

शब्दार्थ: वतन = मातृभूमि/देश, ज़ीनत = सौंदर्य, शान और शोभा, चमन = उपवन/बाग़ीचा।
तशरीह: यह शेर सच्ची देशभक्ति (वतनपरस्ती) का सर्वोत्तम उदाहरण है। जिस प्रकार एक खिला हुआ ताज़ा फूल पूरे बाग़ की सुंदरता और सुगंध को बढ़ा देता है, उसी प्रकार हर नागरिक को ऐसा चरित्रवान बनना चाहिए कि उसके नेक कामों से उसके देश का नाम विश्व पटल पर रोशन हो।

शेर 4: ज़िंदगी हो मिरी परवाने की सूरत या रब…

शब्दार्थ: परवाना = पतंगा (Moth), इल्म = ज्ञान, विद्या, सत्य।
तशरीह: पतंगा प्रकाश का इतना दीवाना होता है कि वह दीपशिखा के चारों ओर घूमता है। अल्लामा इक़बाल ज्ञान की खोज को सबसे बड़ा कर्तव्य बताते हैं। इस शेर में इल्म (शिक्षा) को चिराग़ और साधक को परवाना बताया गया है, जो ज्ञान प्राप्ति के लिए हर कठिनाई सहने को तत्पर है।

शेर 5: हो मिरा काम ग़रीबों की हिमायत करना…

शब्दार्थ: हिमायत = पक्ष लेना/मदद करना/संरक्षण देना, दर्द-मंदों = पीड़ित व दुखी लोग, ज़ईफ़ों = वृद्ध, कमज़ोर और असहाय।
तशरीह: यह पंक्ति सामाजिक न्याय और मानवता की सेवा (ख़िदमत-ए-ख़ल्क़) को समर्पित है। जीवन की सार्थकता इसमें है कि व्यक्ति समाज के शोषित, निर्धन, असहाय और बुजुर्ग लोगों का सहारा बने और उनके आंसुओं को पोंछे।

शेर 6: मेरे अल्लाह! बुराई से बचाना मुझ को…

शब्दार्थ: नेक राह = सच्चाई, ईमानदारी और अच्छाई का रास्ता (सिराते मुस्तक़ीम)।
तशरीह: यह नज़्म का अंतिम शेर (मक़्ता) है, जहाँ याचनाकर्ता अपने पालनहार से अंतःकरण की रक्षा मांगता है। इंसान चाहे कितना भी ज्ञानी हो जाए, यदि वह अहंकार, लालच या झूठ में पड़ जाए तो विनाश निश्चित है। इसलिए अंतिम प्रार्थना यही है कि प्रभु हर प्रकार की बुराई से बचाए और सत्य के मार्ग पर स्थिर रखे।

5. स्कूलों की मॉर्निंग प्रेयर और इमरान प्रतापगढ़ी का अंदाज़

भारत और दक्षिण एशिया के अनगिनत प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों और मदरसों में ‘लब पे आती है दुआ’ को प्रार्थना सभा का अभिन्न अंग माना गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह किसी जाति, धर्म या संप्रदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राष्ट्रप्रेम, ज्ञानार्जन, बुजुर्गों के सम्मान और सामाजिक सद्भाव की सार्वभौमिक शिक्षा है।

यूट्यूब और सोशल मीडिया पर lab pe aati hai dua banke tamanna meri lyrics imran pratapgarhi बहुत अधिक सर्च किया जाता है। प्रख्यात शायर व सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कई बड़े मुशायरों, जलसों और सांस्कृतिक सम्मेलनों में अपने विशिष्ट अंदाज़ और बुलंद आवाज़ में इस नज़्म का पाठ किया है। उनके भावपूर्ण तरन्नुम ने इस नज़्म को नई पीढ़ी के युवाओं और बच्चों के दिलों में दोबारा बेहद लोकप्रिय बना दिया।

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Frequently Asked Questions (FAQs) – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. ‘लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी’ के लेखक कौन हैं?

इस प्रसिद्ध नज़्म के रचनाकार महान दार्शनिक और शायर अल्लामा मुहम्मद इक़बाल (Allama Muhammad Iqbal) हैं। उन्होंने इसे 1902 में बच्चों के चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों के विकास के लिए रचा था।

2. इस नज़्म का मूल शीर्षक क्या है और यह किस किताब में शामिल है?

इस नज़्म का वास्तविक शीर्षक ‘बच्चे की दुआ’ (Bachche Ki Dua) है। यह अल्लामा इक़बाल के पहले उर्दू काव्य संकलन ‘बाँग-ए-दरा’ (Bang-e-Dra – 1924) के पहले भाग में प्रकाशित हुई थी।

3. ‘ज़िंदगी शमा की सूरत हो ख़ुदाया मेरी’ पंक्ति का क्या अर्थ है?

यहाँ ‘शमा’ का अर्थ मोमबत्ती या चिराग़ है। जिस प्रकार मोमबत्ती स्वयं जलकर चारों ओर प्रकाश फैलाती है, उसी प्रकार प्रार्थना करने वाला ईश्वर से मांगता है कि उसका जीवन परोपकारी हो और वह समाज से अंधकार मिटाकर ज्ञान की रोशनी फैलाए।

4. क्या यह प्रार्थना स्कूलों में गाई जाती है?

हाँ, भारत और दक्षिण एशिया के हज़ारों सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालयों में इसे सुबह की प्रार्थना सभा (School Morning Assembly Prayer) के तौर पर गाया जाता है, क्योंकि इसमें देशप्रेम, विद्या से प्रेम और कमज़ोरों की मदद की प्रेरणा है।

5. क्या ‘लब पे आती है दुआ’ का MP3 ऑडियो डाउनलोड किया जा सकता है?

जी बिल्कुल, इस आर्टिकल में ऊपर दिए गए ऑडियो प्लेयर में आप इस पूरी दुआ को साफ़ आवाज़ में सुन भी सकते हैं और ‘ऑडियो MP3 डाउनलोड करें’ बटन पर क्लिक करके इसे अपने डिवाइस में सेव भी कर सकते हैं।

Mariya Ansari
लेखक के बारे में

Mariya Ansari

Assalamu Alaikum – I am Mariya Ansari, founder of QuranGuide.in, sharing authentic Islamic knowledge in a simple and clear way. My mission is to help people understand the Qur’an, Hadith, duas, and Islamic teachings with easy-to-read and reliable content. Through QuranGuide.in, I hope to create a helpful platform for anyone looking to learn more about Islam and strengthen their connection with the Qur’an.

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