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इस्लामिक सवाल जवाब हिंदी में | Islamic Sawal Jawab In Hindi (कुरआन, नमाज़ व दीनी मालूमात)

By Mariya Ansari •

दीन-ए-इस्लाम में इल्म (ज्ञान) हासिल करने को हर मुसलमान मर्द और औरत पर फ़र्ज़ क़रार दिया गया है। नबी करीम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ का इरशाद-ए-मुबारक़ है: “इल्म हासिल करना हर मुसलमान पर फ़र्ज़ है।” (सुनन इब्ने माजा)। जब तक एक मुसलमान को अपने अक़ीदे, नमाज़, रोज़े, कुरआन और सीरत-ए-नबवी की बुनियादी बातों की जानकारी नहीं होगी, तब तक वह सही तरीक़े से शरीअत पर अमल नहीं कर सकता।

इस ख़ास गाइड Islamic Sawal Jawab In Hindi (दीनी सवाल जवाब हिंदी में) में हमने रोज़मर्रा ज़िंदगी, इस्लामिक क्विज़, बच्चों की तालीम और दीनी मालूमात के लिए 50+ सबसे अहम सवाल और उनके सहीह व मुस्तनद जवाब एक जगह जमा किए हैं।

इस्लाम के 5 बुनियादी अरकान (स्तंभ)

1. कलमा शहादत: अल्लाह के एक होने और हज़रत मुहम्मद ﷺ के रसूल होने की गवाही देना।
2. नमाज़: दिन-रात में 5 वक़्त की नमाज़ क़ायम करना।
3. ज़कात: साहिब-ए-हैसियत होने पर माल का 2.5% हिस्सा ग़रीबों को देना।
4. रोज़ा: माहे रमज़ान के मुकम्मल फ़र्ज़ रोज़े रखना।
5. हज: माली व जिस्मानी इस्तिताअत (क्षमता) होने पर ज़िंदगी में एक बार काबा शरीफ़ का हज करना।

भाग 1: अक़ीदा और ईमान से जुड़े सवाल जवाब

सवाल 1: हम सबका और तमाम जहानों का खालिक़ (बनाने वाला) कौन है?

जवाब: सिर्फ़ अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त अकेला तमाम जहानों, इंसानों, जिन्नों और फ़रिश्तों का खालिक़ व मालिक है।

सवाल 2: इस्लाम का पहला कलमा क्या है और इसका मतलब क्या है?

जवाब: पहला कलमा तैयब है: ‘ला इलाहा इल्लल्लाहु मुहम्मदुर रसूलुल्लाह’। इसका अर्थ है: अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और मुहम्मद ﷺ अल्लाह के रसूल हैं।

सवाल 3: अल्लाह के नज़दीक सबसे बड़ा और ना-क़ाबिले मुआफ़ी गुनाह कौन सा है?

जवाब: शिर्क (अल्लाह की ज़ात या सिफ़ात में किसी को शरीक ठहराना) सबसे बड़ा गुनाह है। अगर कोई शिर्क की हालत में मर जाए तो उसकी मग़फ़िरत नहीं होगी।

सवाल 4: मशहूर चार फ़रिश्ते कौन-कौन से हैं और उनके क्या ज़िम्मे हैं?

जवाब: 1. हज़रत जिब्रील (अ.स.) – वही लाने वाले। 2. हज़रत मीकाईल (अ.स.) – बारिश व रिज़्क़ के ज़िम्मेदार। 3. हज़रत इसराफ़ील (अ.स.) – सूर फूंकने वाले। 4. हज़रत इज़राईल (अ.स.) – रूह क़ब्ज़ करने वाले (मलकुल मौत)।

भाग 2: पवित्र कुरआन मजीद से जुड़े सवाल जवाब

सवाल 5: कुरआन मजीद में कुल कितनी सूरह और कितने पारे हैं?

जवाब: पवित्र कुरआन में कुल 114 सूरह और 30 पारे (जुज़) हैं।

सवाल 6: कुरआन मजीद की सबसे बड़ी और सबसे छोटी सूरह कौन सी है?

जवाब: सबसे बड़ी सूरह ‘सूरह अल-बक़रह’ (286 आयतें) है, और सबसे छोटी सूरह ‘सूरह अल-कौसर’ (3 आयतें) है।

सवाल 7: कुरआन मजीद का दिल (Heart of Quran) किस सूरह को कहा जाता है?

जवाब: हदीस शरीफ़ के मुताबिक़ ‘सूरह यासीन’ (Surah Yaseen) को कुरआन का दिल कहा गया है।

सवाल 8: कुरआन मजीद की सबसे अज़ीम आयत कौन सी है?

जवाब: सूरह अल-बक़रह की आयत संख्या 255 यानी ‘आयतल कुर्सी’ (Ayatul Kursi) कुरआन की सबसे अज़ीम आयत है।

सवाल 9: किस सूरह के शुरू में बिस्मिल्लाह नहीं पढ़ी जाती?

जवाब: सूरह अत-तौबा (Surah At-Tawbah) के शुरू में बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम नहीं लिखी जाती।

भाग 3: नमाज़ और वुज़ू से जुड़े सवाल जवाब

सवाल 10: वुज़ू में कितने फ़र्ज़ होते हैं?

जवाब: वुज़ू में 4 फ़र्ज़ हैं: 1. चेहरे को पेशानी के बालों से ठोड़ी के नीचे तक और एक कान से दूसरे कान की लौ तक धोना। 2. दोनों हाथों को कोहनियों समेत धोना। 3. चौथाई सर का मसह करना। 4. दोनों पैरों को टखनों समेत धोना।

सवाल 11: ग़ुस्ल में कितने फ़र्ज़ होते हैं?

जवाब: ग़ुस्ल में 3 फ़र्ज़ हैं: 1. कुल्ली करना (ग़रग़रा के साथ)। 2. नाक की नर्म हड्डी तक पानी पहुंचाना। 3. पूरे बदन पर इस तरह पानी बहाना कि एक बाल बराबर जगह भी सूखी न रहे।

सवाल 12: किन वक़्तों में नमाज़ पढ़ना सख़्त मना (मकरूह-ए-तहरीमी) है?

जवाब: तीन औक़ात में नमाज़ पढ़ना मना है: 1. सूरज निकलते वक़्त (तुलू-ए-आफ़ताब)। 2. ठीक दोपहर के वक़्त जब सूरज सर पर हो (ज़वाल का वक़्त)। 3. सूरज डूबते वक़्त (ग़ुरूब-ए-आफ़ताब)।

भाग 4: सीरत-उन-नबी ﷺ से जुड़े सवाल जवाब

सवाल 13: हमारे प्यारे नबी ﷺ की पैदाइश कब और कहाँ हुई?

जवाब: आप ﷺ की पैदाइश 12 रबीउल अव्वल, आमुल फ़ील (571 ईस्वी) को मक्का मुकर्रमा के मुक़द्दस शहर में हुई।

सवाल 14: आप ﷺ के वालिद और वालिदा माजिदा का क्या नाम था?

जवाब: आपके वालिद का नाम हज़रत अब्दुल्लाह (रज़ि.) और वालिदा का नाम हज़रत आमिना (रज़ि.) था।

सवाल 15: पहली वही किस ग़ार (गुफा) में नाज़िल हुई और पहली आयत क्या थी?

जवाब: पहली वही जबले नूर पर मौजूद ‘ग़ार-ए-हिरा’ में नाज़िल हुई, और पहली आयत सूरह अल-अलक़ की ‘इक्रा बिस्मि रब्बिकल्लज़ी ख़लक़’ थी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. इस्लामिक सवाल जवाब याद करने का क्या फायदा है?

दीनी सवालात और जवाबात याद करने से इंसान का ईमान ताज़ा होता है, इबादतें सही सुन्नत के मुताबिक़ अदा होती हैं, और बच्चों को दीन की बुनियादी बातें आसानी से सिखाई जा सकती हैं।

2. हर मुसलमान को कम से कम कितना दीनी इल्म होना ज़रूरी है?

हर मुसलमान पर इतना इल्म हासिल करना फ़र्ज़-ए-ऐन है जिससे वह अपना अक़ीदा दुरुस्त रख सके, हलाल और हराम में तमीज़ कर सके, और पाकी व 5 वक़्त की नमाज़ सही अदा कर सके।

3. ‘खुलाफ़ा-ए-राशिदीन’ किन सहाबा को कहा जाता है?

हुज़ूर ﷺ के बाद इस्लाम के चार सबसे बड़े ख़लीफ़ाओं को खुलाफ़ा-ए-राशिदीन कहा जाता है: 1. हज़रत अबू बक्र सिद्दीक़ (रज़ि.), 2. हज़रत उमर फ़ारूक़ (रज़ि.), 3. हज़रत उस्मान ग़नी (रज़ि.), और 4. हज़रत अली अल-मुर्तज़ा (रज़ि.)।

Mariya Ansari
लेखक के बारे में

Mariya Ansari

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