Sajde Ki Dua in Hindi | सजदे की दुआ, दो सजदों के बीच की दुआ और हिंदी अर्थ

By Mariya Ansari

नमाज़ में सजदा अल्लाह के सामने बंदगी और विनम्रता की खास अवस्था है। सजदे में मुसलमान अपने रब की पाकी और महानता बयान करता है। इसके अलावा सजदे में अल्लाह से अपनी जरूरतों और भलाई के लिए दुआ भी की जा सकती है।

बहुत से लोग sajde ki dua, sajde ki dua in hindi, sajde ki dua in quran, sajde ke baad ki dua in hindi, दो सजदों के बीच की दुआ क्या है? और sajde ki dua hindi mein जैसे सवाल खोजते हैं। इस लेख में सजदे की तस्बीह, उसका अर्थ और दो सजदों के बीच पढ़ी जाने वाली दुआ को सरल भाषा में समझाया गया है।

Sajde Ki Dua | सजदे में क्या पढ़ें?

नमाज़ में सजदा करते समय आम तौर पर “सुब्हाना रब्बियल अ’ला” पढ़ा जाता है। इसका अर्थ है कि मेरा सबसे ऊँचा रब हर कमी और दोष से पाक है।

अरबी

سُبْحَانَ رَبِّيَ الأَعْلَى

हिंदी उच्चारण

सुब्हाना रब्बियल अ’ला।

हिंदी अर्थ

मेरा सबसे ऊँचा रब पाक है।

English Translation

Glory be to my Lord, the Most High.

Urdu Translation

میرا بلند و برتر رب پاک ہے۔

सजदे में इस तस्बीह को पढ़ना सुन्नत से साबित है। सजदा केवल नमाज़ की एक शारीरिक अवस्था नहीं है, बल्कि यह अल्लाह के सामने अपनी बंदगी और विनम्रता प्रकट करने का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Sajde Ki Dua in Hindi | सजदे की दुआ हिंदी में

यदि आप sajde ki dua in hindi खोज रहे हैं, तो सजदे में पढ़ी जाने वाली छोटी और आसान तस्बीह है:

सुब्हाना रब्बियल अ’ला।

इसका आसान अर्थ है, “मेरा सबसे ऊँचा रब पाक है।” इसे याद करना भी आसान है और नमाज़ में सजदे के दौरान पढ़ा जाता है।

सजदे के दौरान अल्लाह से दुआ भी की जा सकती है। सहीह मुस्लिम में नबी ﷺ से रिवायत है कि बंदा सजदे की हालत में अपने रब के सबसे करीब होता है, इसलिए सजदे में अधिक दुआ करने की शिक्षा दी गई है।

Sajde Ki Dua in Quran | क्या सजदे की दुआ कुरआन में है?

बहुत से लोग sajde ki dua in quran खोजते हैं और जानना चाहते हैं कि “सुब्हाना रब्बियल अ’ला” कुरआन की कोई आयत है या नहीं। नमाज़ के सजदे में पढ़े जाने वाले यही शब्द इस रूप में कुरआन की आयत नहीं हैं, बल्कि यह तस्बीह सुन्नत और हदीस से साबित है।

कुरआन में सजदे का उल्लेख कई जगह आया है और अल्लाह के सामने सजदा करने की शिक्षा दी गई है। इसलिए कुरआन में सजदे का हुक्म और महत्व मिलता है, जबकि नमाज़ के सजदे में पढ़ी जाने वाली तस्बीह का तरीका हमें नबी ﷺ की सुन्नत से मिलता है।

दो सजदों के बीच की दुआ क्या है?

नमाज़ में पहला सजदा करने के बाद बैठने और फिर दूसरा सजदा करने से पहले दुआ पढ़ी जाती है। इसे दो सजदों के बीच की दुआ कहा जाता है।

अरबी

رَبِّ اغْفِرْ لِي، رَبِّ اغْفِرْ لِي

हिंदी उच्चारण

रब्बिग़फ़िर ली, रब्बिग़फ़िर ली।

हिंदी अर्थ

ऐ मेरे रब! मुझे माफ़ कर दे। ऐ मेरे रब! मुझे माफ़ कर दे।

English Translation

My Lord, forgive me. My Lord, forgive me.

Urdu Translation

اے میرے رب! مجھے بخش دے، اے میرے رب! مجھے بخش دے۔

यह छोटी दुआ दो सजदों के बीच बैठकर पढ़ी जाती है। इसमें इंसान सीधे अपने रब से अपने गुनाहों की माफी मांगता है।

Sajde Ke Baad Ki Dua in Hindi | सजदे के बाद की दुआ

यदि sajde ke baad ki dua in hindi से आपका मतलब पहले और दूसरे सजदे के बीच पढ़ी जाने वाली दुआ से है, तो “रब्बिग़फ़िर ली, रब्बिग़फ़िर ली” पढ़ी जा सकती है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि नमाज़ में हर सजदे के बाद कोई एक अलग लंबी दुआ निर्धारित नहीं है। पहले सजदे के बाद बैठने की अवस्था में दो सजदों के बीच की मस्नून दुआ पढ़ी जाती है और फिर दूसरा सजदा किया जाता है।

Sajde Ki Dua Hindi Mein | सजदे में दुआ कैसे करें?

सजदा अल्लाह से दुआ करने का बहुत खास समय है। नबी ﷺ ने सजदे में अधिक दुआ करने की शिक्षा दी है। इसलिए सजदे की तस्बीह पढ़ने के साथ अल्लाह से माफी, रहमत, हिदायत और अपनी जरूरतों के लिए दुआ की जा सकती है।

नमाज़ के अंदर अपनी भाषा में दुआ करने के मसले में फ़िक़्ही मतभेद और अलग-अलग परिस्थितियों के नियम हो सकते हैं। इसलिए फ़र्ज़ नमाज़ में दुआ के शब्दों के बारे में अपने मान्य फ़िक़्ह या किसी भरोसेमंद आलिम की सलाह के अनुसार अमल करना बेहतर है।

सजदे में कितनी बार सुब्हाना रब्बियल अ’ला पढ़ें?

सजदे में “सुब्हाना रब्बियल अ’ला” पढ़ा जाता है। आम तौर पर इसे तीन बार पढ़ना मुसलमानों में प्रचलित है और तस्बीह को इससे अधिक बार भी पढ़ा जा सकता है।

नमाज़ में केवल शब्द जल्दी-जल्दी पूरे करने के बजाय सजदा इत्मीनान से करना चाहिए। सजदे का असली उद्देश्य अल्लाह के सामने अपनी बंदगी को जाहिर करना है।

सजदे की दुआ का महत्व

सजदा नमाज़ के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है। जब इंसान अपना माथा जमीन पर रखता है, तो वह अपने रब के सामने अपनी बंदगी और विनम्रता प्रकट करता है।

सजदे में अल्लाह की पाकी बयान करने के साथ उससे दुआ करना भी महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि मुसलमानों को सजदे में जल्दबाज़ी करने के बजाय इत्मीनान और ध्यान के साथ इबादत करने की शिक्षा दी गई है।

निष्कर्ष

यदि आप sajde ki dua, sajde ki dua in hindi, sajde ki dua in quran, sajde ke baad ki dua in hindi, दो सजदों के बीच की दुआ क्या है? या sajde ki dua hindi mein खोज रहे थे, तो इसका आसान जवाब है कि सजदे में “सुब्हाना रब्बियल अ’ला” पढ़ा जाता है।

वहीं दो सजदों के बीच “रब्बिग़फ़िर ली, रब्बिग़फ़िर ली” पढ़ना सुन्नत से साबित है। सजदे में अल्लाह की महानता बयान करें और उससे माफी, रहमत और अपनी भलाई के लिए दुआ करें।

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