जब भी मस्जिद से अज़ान की आवाज़ सुनाई देती है, तो हर मुसलमान को अज़ान का जवाब देना चाहिए। अज़ान नमाज़ की तरफ बुलाने वाली एक पाक और अहम पुकार है। अज़ान खत्म होने के बाद एक खास दुआ पढ़ी जाती है, जिसकी फ़ज़ीलत हदीसों में बयान की गई है। इस दुआ को पढ़ने वाले के लिए क़यामत के दिन नबी ﷺ की शफ़ाअत की खुशखबरी बताई गई है।
अगर आप अज़ान के बाद की दुआ हिंदी में, उसका अरबी पाठ, हिंदी तर्जुमा, मतलब और फ़ज़ीलत जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है।
अज़ान के बाद कौन सी दुआ पढ़ी जाती है?
अज़ान पूरी होने के बाद यह दुआ पढ़ी जाती है:
اللَّهُمَّ رَبَّ هَذِهِ الدَّعْوَةِ التَّامَّةِ وَالصَّلَاةِ الْقَائِمَةِ، آتِ مُحَمَّدًا الْوَسِيلَةَ وَالْفَضِيلَةَ، وَابْعَثْهُ مَقَامًا مَحْمُودًا الَّذِي وَعَدْتَهُ
अज़ान के बाद की दुआ हिंदी उच्चारण में
अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़िहिद्दावतित्ताम्मह, वस्सलातिल क़ाइमह, आती मुहम्मदनिल वसीलता वल फ़ज़ीलह, वबअस्हू मक़ामन महमूदनिल्लज़ी वअद्तहू
अज़ान के बाद की दुआ का हिंदी तर्जुमा
ऐ अल्लाह! इस मुकम्मल पुकार (अज़ान) और कायम होने वाली नमाज़ के रब! हज़रत मुहम्मद ﷺ को वसीला और फ़ज़ीलत अता फ़रमा और उन्हें वह मक़ाम-ए-महमूद प्रदान फ़रमा जिसका तूने उनसे वादा किया है।
अज़ान के बाद की दुआ का मतलब
इस दुआ में मुसलमान अल्लाह तआला से अपने प्यारे नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ के लिए ऊंचा दर्जा और मक़ाम-ए-महमूद की दुआ करता है।
यह दुआ हमें नबी ﷺ से मोहब्बत करने, उनकी इज़्ज़त करने और अल्लाह की महानता को समझने की सीख देती है।
अज़ान के बाद की दुआ की फ़ज़ीलत
हदीस शरीफ़ में आता है कि जो व्यक्ति अज़ान सुनने के बाद यह दुआ पढ़ता है, उसके लिए क़यामत के दिन नबी ﷺ की शफ़ाअत की उम्मीद है।
इसी वजह से हर मुसलमान को कोशिश करनी चाहिए कि वह अज़ान के बाद इस दुआ को पढ़ने की आदत बनाए।
अज़ान के बाद दुआ पढ़ने का सही तरीका
जब मुअज़्ज़िन अज़ान पूरी कर ले, तो सबसे पहले अज़ान का जवाब देना चाहिए।
इसके बाद नबी ﷺ पर दुरूद शरीफ़ पढ़ें और फिर अज़ान के बाद की दुआ पढ़ें।
इस तरह यह अमल सुन्नत के मुताबिक पूरा होता है और इंसान अल्लाह की याद में रहता है।
अज़ान के बाद क्या पढ़ना चाहिए?
अज़ान के बाद दुआ पढ़ने से पहले अज़ान का जवाब देना चाहिए। इसके बाद दुरूद शरीफ़ पढ़कर अज़ान के बाद की मशहूर दुआ पढ़ी जाती है। यह छोटी सी दुआ बड़ी फ़ज़ीलत वाली है, इसलिए इसे याद करना और हर अज़ान के बाद पढ़ना बेहतर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. अज़ान के बाद की दुआ कौन सी है?
अज़ान के बाद “अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़िहिद्दावतित्ताम्मह…” वाली दुआ पढ़ी जाती है।
2. अज़ान के बाद की दुआ का हिंदी मतलब क्या है?
इसका मतलब है कि हम अल्लाह से नबी मुहम्मद ﷺ के लिए वसीला, फ़ज़ीलत और मक़ाम-ए-महमूद की दुआ करते हैं।
3. अज़ान के बाद की दुआ कब पढ़नी चाहिए?
यह दुआ अज़ान खत्म होने के बाद दुरूद शरीफ़ पढ़कर पढ़नी चाहिए।
निष्कर्ष
अज़ान के बाद की दुआ एक छोटी लेकिन बहुत फ़ज़ीलत वाली दुआ है। हर मुसलमान को इसे याद करने और अज़ान के बाद पढ़ने की कोशिश करनी चाहिए। यह दुआ हमें अल्लाह की याद, नबी ﷺ से मोहब्बत और उनकी शफ़ाअत की उम्मीद दिलाती है।फ़ पढ़ें और फिर यह दुआ पढ़ने की आदत बना लें।
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